बढ़ती मंहगाई की मार से तबादला उद्योग में अधिकारियों की रुचि ना होने से नेता व दलाल परेशान
NBT24 खबर भोपाल से .......................... भोपाल - मध्यप्रदेश के इतिहास में वैसे जो जब-जब तबादला उद्योग चला तब-तक सत्ताधीशों राजनेताओं और तबादला उद्योग से जुड़े दलालों की चांदी ही रही, वैसे तो हमेशा तबादला उद्योग को लेकर हमेशा सड़क से लेकर सदन तक खूब हंगामा मचा तो एक समय ऐसा भी था जब प्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार थी उस समय भाजपा के नेताओं ने दिग्विजय सिंह के शासनकाल में चले तबादला उद्योग के दौरान जारी हुई समाचार पत्रों में तबादला सूची की कतरनों को लेकर विधानसभा में भाजपा के विधायकों ने समाचार पत्रों के अखबरों की करतनें तक लहराई थीं? विगत दिनों कमलनाथ व दिग्विजय सिंह के पुत्र मोह के चलते १५ वर्षों से सत्ता का वनवास भोग रही कांग्रेस जब प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई तो उस दौरान इन दोनों मिनिस्टर और सुपर चीफ मिनिस्टर ने कमलनाथ के सत्ता पर काबिज होते ही जमकर तबादला उद्योग का खेल खेला जिसको लेकर राजधानी में इस तरह की स्थिति रही कि वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल तो दलाली का अड्डा तो बन गया था यही नहीं शायद ही वल्लभ भवन का कोई फ्लोर अछूता रहा हो जहां बैठे राजनेताओं के कमरे के आगे तबादल...