आम जन और जनप्रतिनिधि दोनों के लिए अलग अलग है क्या कोरोना गाइडलाईन ? प्रशासन जवाब दे

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खबर झाबुआ से...................
विशेष लेख
झाबुआ -  लम्बे इंतजार के बाद झाबुआ को आखिर पूर्णकालिक प्रभारी मंत्री मिल ही गया। स्कूली शिक्षा मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री इन्दरसिंह परमार विगत दिनों अपने दो दिवसीय प्रवास पर झाबुआ पहुंचे थे। उनके स्वागत सत्कार हेतु सत्तापक्ष के कार्यकर्ताओ ने जिस उत्साह का प्रदर्शन किया वह काबिले तारीफ़ है। किन्तु प्रश्न ये उठता है कि वैश्विक महामारी, जानलेवा कोविड - 19 के इस दौर में मंत्रीजी के स्वागत हेतु शासन की गाइडलाईन का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन किया गया वो भी स्वयं मंत्री जी तथा, प्रशासनिक अधिकारियों के सामने, वही अधिकारी, कर्मचारी सांसद महोदय, आपदा प्रबंधन के सदस्यगण उक्त आयोजन में सम्मिलित थे जो जिले हेतु गाइडलाईन बनाने हेतु अधिकृत है। ऐसे में ना तो किसी ने भी रोक टोक की और ना ही किसी ने कोरोना गाईड लाइन का पालन करने हेतु अनुरोध किया। 
यदि अगर आम जन अपने घर के किसी सदस्य की मृत्यु होने अथवा शुभ मांगलिक कार्य होने पर निर्धारित संख्या से अधिक मेहमान एकत्र कर ले तो पूरा प्रशासन उसके पीछे हाथ धोकर पड़ जाता है।
क्या सारे नियम सिर्फ आम जनों हेतु ही बनाए जाते है, क्या रसूखदार लोग और सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधि कोरोना प्रूफ है। या तो प्रशासन सभी के लिए एक समान नियम बनाए या फिर फिजूल की तानाशाही बंद करे।

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