शिक्षा के मंदिर का निर्माण युगों-युगों तक मार्गदर्शक बनता है- डॉ. यादव
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खबर खरगोन से ................…...…...
3 करोड़ रूपये की लागत के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन
खरगोन - शिक्षा के मंदिर का निर्माण कार्य युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनता है। ऐसे ही शिक्षा के मंदिरों में सामाजिक और धार्मिक चेतनाओं का उदय भी होता है। शिक्षा के मंदिर स्कूल और महाविद्यालय समाज के लिए निरंतर मार्गदर्शन के कार्य करते हैं। इसीलिए मप्र शासन आज भी किसी भी कॉलेज में निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण और निश्चित समय में पूरा करती है। आगे भी शासन की यही नीति होगी चाहे इंडोर हॉल हो या कॉलेज निर्माण या कई तरह की गतिविधिया हो। यह बात उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 करोड़ की लागत से बने इंडोर मल्टीपर्पज स्पोर्टस् हॉल के लोकार्पण और 3 करोड़ 40 रूपये की लागत से बनने वाली बॉटनी लैब के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के हॉल में कही। इस दौरान खरगोन-बड़वानी लोकसभा सांसद श्री गजेन्द्रसिंह पटेल, राज्यसभा सांसद श्री सुमेरसिंह सोलंकी, कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. सुरेश टी सिलावट, अपर कलेक्टर श्री बीएस सोलंकी, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आरएस देवड़ा व स्टॉफ मौजूद रहे।
नई शिक्षा नीति से विकास की नई पीढ़ी तैयार होगी
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि अभी शासन ने नई शिक्षा नीति 2020 लागू की है। इस नई शिक्षा नीति से देश में एक नई विकास की पीढ़ी तैयार होगी। इस नई शिक्षा नीति के लिए 1 लाख 50 हजार से अधिक व्दिवानों के सुझाव लिए गए थे। इसके बाद नई शिक्षा नीति तैयार हुई है। यह शिक्षा नीति ऐसी है जो प्रतिभाओं का आगे बढ़ाने में अग्रणी रहेगी। यहाँ न सिर्फ डिग्री बल्कि हुनर और कौशल भी तैयार होगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव को छात्रों द्वारा दिए गए ज्ञापनों के बारे में कहा कि कई छात्रों ने नए कोर्स प्रारंभ करने के लिए ज्ञापन दिए हैं। आने वाले समय में योग्य और प्रोफेशनल कोर्स प्रारंभ किए जा सकेंगे। चाहे इसमें डिप्लोमा हो सर्टिफिकेट कोर्स हो या डिग्री कोर्स हो शासन ने हाल ही में 267 नए कोर्स प्रारंभ किए हैं।
नई बॉटनी लैब में लिफ्ट की व्यवस्था होगी
नई बॉटनी लैब के भूमिपूजन को लेकर प्रो. देवड़ा ने बताया कि तीन मंजिला लैब होगी। इसमें दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी होगी। इसके अलावा इस लैब में पीजी के छात्रों के लिए विशेष प्रकार के उपकरण भी उपलब्ध होंगे। जिससे छात्रों में इंटरेस्ट बढ़ेगा। यह बॉटनी लैब विश्व बैंक और जनभागीदारी के सहयोग से 3 करोड़ 40 लाख रूपये की लागत से तैयार होगी। प्रो. देवड़ा ने कॉलेज में दो नए सहायक प्रधापकों के पद स्वीकृत होने की भी खुशी जाहिर की है।
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